तीन दिन की पार्टी के लिए 7500 करोड़ खर्च किये

 दुनिया की सबसे आलीशान और सबसे बड़ी और सबसे महंगी पार्टी जिसने फ़िज़ूल खर्चो के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे.

        इस जैसे पार्टी नहीं पहले कभी हुई थी और नहीं आगे भी किसको ऐसी पार्टी करने की हिम्मत होगी. इसमें दुनिया के सबसे बेहतरीन रेस्टोरेंट के लजीज खाने , लक्ज़री ड्रिंक्स , फाइव स्टार जैसे रहने की सुविधा और यूरोपियन जैसा सजावट और सबसे ज्यादा इम्पोर्टेन्ट इस पार्टी में आने वाले गेस्ट थे. इसमें शेनशाओ से लेकर देश के प्रधानमंत्री , राष्ट्रपति शामिल थे . इस पार्टी में पुरे 65 कंट्री के दिग्गज लोग थे . पार्टी की खास बात तो ये थी कि ये पार्टी सेवन स्टार होटल में नहीं बल्कि एक बंजर रेगिस्तान में की थी. सिर्फ 3 दिन के पार्टी के लिए रेगिस्तान का नक्शा ही बदल दिया था. और वो भी रातों रात .

        ये कहानी है उस पार्टी की जो दुनिया ने पहले कभी नहीं देखी थी. ये पार्टी न ही किसी अरब शहजादे ने दी थी न ही किसी बड़े बिज़नेस टायकून ने. बल्कि ये पार्टी थी ईरान के किंग शाह मोम्मद रेजा पहलवी कि.
ये बात है 1960 के दौर की जब ईरान रूलर शाह मोम्मद रेज़ा पहलवी हुआ करते थे जिनको राजाओं के राजा भी कहा जाता था . शाह दुनिया का सबसे अमीर इंसान था और ईरान की गवर्नमेंट में सबसे ताकतवर इंसान माना जाता था. शाह के इतने सारे पावर थे की वो बैठे बैठे प्राइम मिनिस्टर को भी हटा सकता था और पार्लियामेंट को भी डिसॉल्व कर सकता था .और किसी भी वक्त जंग का ऐलान कर सकता था. शाह को अपने खिलाफ एक अलफ़ाज़ भी बर्दाश्त नहीं था. उसके खिलाफ कोई आवाज उठाता तो उसकी सीक्रेट पुलिस लोगो को रातों रात गायब कर देती थी और रातों रात उनको फाँसी पे भी चढ़ाया जाता था. इसी वजह से डेथ पेनल्टी का 
शाशन पूरी दुनिया से ईरान में काफी ज्यादा हुआ करता था . यानि जो बात भी इनके मुँह से निकलती थी वो ईरान का कानून बन जाती थी. और शाह अपनी ये पावर किसी के साथ भी शेयर नहीं करना चाहता था .अपनी सारी उम्र ऐशो आराम से जीने वाला शाह मॉडर्न जिंदगी भी जीता था . वो खुद तो दुनिया का सबसे अमीर इंसान था लेकिन उसकी खुद की कंट्री ईरान की हालत अच्छी नहीं थी . यहाँ आधे से ज्यादा लोगो के पास खाने तक के पैसे नहीं हुआ करते थे . पानी , मेडिकल और एजुकेशन का बुरा हाल हो रखा था लेकिन किसी को भी आवाज उठाने की हिम्मत नहीं थी . ईरान में बेसिक फैसिलिटीज की हद से ज्यादा जरुरत थी लेकिन शाह को इसकी कोई फ़िक्र नहीं थी. उनके दिमाग कुछ और ही चल रहा था. 
        शाह का प्लान था कि ईरान का दुनिया में एक अच्छा इम्प्रैशन पड़े इसलिए एक आलीशान पार्टी की जाये. दुनिया के बड़े देशों के किंग , सुल्तान , शेनशाह , प्रेजिडेंट , प्राइम मिनिस्टर को दावत दी जाये. इसकी वजह से दुनिया में ईरान का ग्लोबल इमेज अच्छा हो जायेगा लेकिन शाह को इस बात का बिल्कुल भी अंदाज़ा नहीं था. की यही पार्टी उसको ले डूबेगी. शाह ने पैसे की नुमाइश का फैसला किया था तो 3 दिन की पार्टी के लिए एक साल पहले से तैयारी शुरू की गयी थी. बड़े बड़े कंट्री के हेड्स को इनविटेशन जा चुकी थी और इस पार्टी को मैनेज करने के लिए एक टीम बनायीं गयी.जिसको ये तमाम काम को अंजाम देना था . जिसमे सबसे बड़ा प्रोब्लेम था की दुनिया भर के बड़े बड़े लोग आएंगे तो उनको स्टे कहा करवाया जायेगा. उस समय ईरान में उस लेवल के होटल नहीं थे और न ही इंफ्रास्ट्रक्चर. तभी शाह ने फैसला लिया की ये पार्टी एक रेगिस्तान में की जाएगी. दुनिया भर से आने वाले मेहमानो को रेगिस्तान में ठहरायेंगे ये बात किसको समझ नहीं आ रही थी. क्यों के इस रेगिस्तान में धुप , मिटटी , धूल , साप , बिच्छू के सिवा कुछ नहीं था. ये फैसला करने के बाद शाह मोम्मद ने जो किया उसका किसीको भी अंदाज़ा नहीं था. जी हा रेगिस्तान के पूरे पांच सौ एकड़ में केमिकल डलवाकर वहां मौजूद सारे सापोको मारा गया. जिसमें सांपों की ऐसी किस्में भी निकली थी जिनको आज से कभी भी नहीं देखा गया. जिसके बाद ये फैसला किया गया की यहाँ एक रॉयल विलेज बनाया जायेगा और उसमें प्लास्टिक के टेन्ट्स लगाये जायेंगे . लेकिन उससे भी पहले इस रेगिस्तान में चार हजार एकड़ जितनी मिट्टी भी लवाई गयी. क्यों की इस रेगिस्तान में शाह को एक फारेस्ट भी चाहिए था. यानि के दुनिया की हिस्ट्री में रेगिस्तान को फारेस्ट में बनाने का ये पहला और अनोखा काम था. वक्त की कमी की वजह से 15000 ट्रीज और प्लांट इम्पोर्ट किये गए . ईरान जो के पहले ही पानी का शिकार था इस मुश्किल घड़ी में रेगिस्तान को फारेस्ट बनाना किसी पागलपन से कम नहीं था और वो भी सिर्फ 3 दिन के पार्टी के लिए . लेकिन शाह अपने मेहनमानो को ऐसा एक्सपीरियंस देना चाहता था जो कि उन्होंने अपने सपने में भी नहीं सोचा होगा. महीनेभर में ये फारेस्ट भी तैयार हो चूका था और इसमें अलग अलग खुश्बूदार फुल भी लग चुके थे. लेकिन इतना सब होने के बावजूद भी फीलिंग नहीं आ रही थी जो शाह ने सोचा था . वो फीलिंग को पूरा करने के लिए शाह ने वो कदम उठाया जिसने पूरी दुनिया को फिरसे हैरान कर दिया था . पुरे 50,000 गाने वाले बर्ड्स और 20000 स्प्यारो यूरोप से इम्पोर्ट करके ईरान मंगाए गए. जिनको उस फारेस्ट के अंदर छोड़ा गया , ज्यादातर बर्ड्स पार्टी के पहले ही मर गए क्यों की आखिर वो था तो रेगिस्तान ही. 
       पार्टी में आने वाले मेहमानो को रहने की सुविधा के लिए पेरिस की एक कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट किया गया. जिनहोने यहाँ एयर कंडीशनर लक्ज़री सुइट्स बनाने का काम शुरू किया , हर सुईट्स में 2 बैडरूम , 2 बाथरूम , एक किचन और एक सिटिंग एरिया बनाया गया और ये प्लान बनाया गया की हर सुईट्स के बहार 5 कुक्स और 20 सर्वेन्ट्स मौजूद होंगे . इन सुईट्स को बनाने का काम पेरिस में किया गया था फिर इनको कही सारे प्लेन से लाकर यहाँ अस्सेम्ब्ल किया गया. टोटल 50 सुइट्स को 160 के एकर में बना लिया गया वो भी सिर्फ कुछ महीनो में . जो जमींन  चंद दिनों पहले गर्मी से उबलती थी वह अब फारेस्ट , गार्डन , गोल्फ कोर्ट , और लक्ज़री सुइट्स बना दिए गए थे . वो भी सिर्फ 3 दिन की पार्टी के लिए . लेकिन मामला यहाँ खत्म नहीं हुआ था क्यों के रेगिस्तान के इस हिस्से तक काफी सारा सामान पोहचना मुश्किल था इसी वजह से शाह ने तकरीबन 50 किलोमीटर की दुरी पर न की एक पूरा एयरपोर्ट बनवाया वह पर एक विशेष  हाईवे भी बनवाया. जो के एयरपोर्ट से पार्टी के जगह पर सामान आसानीसे ले जाया जा सके. पार्टी में पेश किये जाने वाले खानों के लिए शाहने दुनिया के बेस्ट रेस्टोरेंट से डील की यह रेस्टोरेंट का नाम था मैसेज दे पेरिस और यह रेस्टोरेंट पूरे दो हफ्ते तक अपना पूरा रेस्टोरेंट बंद रखा था और अपने शाप्स वेटर और कुकिंग इक्विप्मेंट्स को पार्टी के 10 दिन पहले एडवांस में ही भेज दिया था. खाने में उसे होने वाली छोटी सी छोटी चीज भी पेरिस से मंगवाई गई थी. और उसकी क्वांटिटी जानकार आप बिलकुल हैरान हो जाएंगे. टोटल खाने पीने का सामान 18 तन 18 तन किलो पेरिस से ईरान मंगाया गया था. जिसमें 2.5 लाख अन्डे और 2700 किलो बीफ कक 77 हर वह चीज मुझे थी जो मैक्सिमम दे पेरिस में सर्फ हो जाती थी खाने के साथ साथ 12 टन वजनी महंगी  वाइन भी मंगाई गई थी. लेकिन सारी लिमिट्स तो तब क्रॉस हुई जब सबको मालूम पड़ा की वाइन को ठंडा करने वाले आइस क्यूब भी प्यारी से मंगवाए गए थे अब बारी थी सिक्योरिटी की क्यूंकि इस पार्टी में जैसा खर्चा किया जा रहा था तो ईरान के लोकल्स में इस पार्टी के लिए है गुस्सा उमड़ रहा था क्यूंकि ईरान में खाने पीने के सामान के लिए बहुत प्रॉब्लम थे. इसी वजह से इवेंट को सिक्योर करना बहुत जरुरी था. पार्टी में आने वाले मेहमानों के लिए 65000 सोल्डिएर्स को डिप्लॉय किया गया आर्मी सोल्जर ने हर 100 मीटर के बाद एक चेक पोस्ट बनाई थी. जो लोग इस पार्टी के खिलाफ आवाज़ उठा रहे थे उन लोगों को जेल में डाला गया और ईरान के बॉर्डर भी बंद कर दिए गए थे और पूरे ईरान में लॉक डाउन लगा दिया था. आखिरकार वह घड़ी आ गई थी जिसका सबको बेसब्री से इंतज़ार था और वह दिन था 14 अक्टूबर 1971 का और यह पार्टी का पहला दिन था. एयरपोर्ट पर मेहमानों के प्लान्स एक के बाद एक लैंड करते गए और फिर मेहमानों को 250 बुलेट प्रूफ लिमोजीन में बिठाकर तमाम सिक्योरिटी के बिच में रॉयल विलेज तक लाया गया. यह बुलेट प्रूफ लिमोजीन भी शाहने इसी पार्टी के लिए ही आर्डर की थी. पुरे 65 कंट्री के हेड ऑफ स्टेट इस पार्टी में शामिल हो चुके थे किसी देश ने अपना प्रधन्मन्त्री भेजा या किसी देश ने अपना राष्ट्रपति भेजा. ईरान के जिस इलाके में पहले सांप बिच्छु रहते थे वहां अब प्रेजिडेंट प्राइम मिनिस्टर किंग बादशाह शेनशाह दिखाई दे रहे थे. शाह ने मेहमानों का पूरी तरह स्वागत किया और पुरे 3 दिन तक मेहमानों के लिए लज़ीज़ खाना और एंटरटेनमेंट का भी आयोजन किया. एक एस्टीमेट के मुताबिक इस पार्टी में किया गया हुआ खर्चा एक बिलियन से भी ऊपर था. जो तक़रीबन 7500 करोड़ रूपीस बनते है . इस इवेंट को दुनिया भर की प्रेस ने भरपूर कवरेज दी इस वजह से शाह की दुनिया भर में खुप तारीफ हुई. लेकिन जब इवेंट खत्म हुआ उसके बाद लोगो का गुस्सा उमड़ ने लगा. ईरान के लोग जो बेसिक फैसिलिटीज को तरस रहे थे जब लोगो ने अपने बादशाह को अरबों डॉलर हवा में उड़ाते देखा तब उनसे रहा नहीं गया . और फिर ईरान में रेवोलुशन की ऐसी लहर आयी जिसने 1978 में शाह मोम्मद रजा पहलवी को हटा कर अहतुल्ला ख़ुमैनी को अपना लीडर बना दिया. शाह अपनी जान बचाकर इजिप्त भाग गया था फिर उसकी एक साल बाद वही पे मौत हो गयी. सिर्फ एक पार्टी की वजह से पहलवी डायनेस्टी को पूरे ईरान से हाट धोना पड़ा.





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