दुनिया का चक्कर लगाने वाला पहला व्यक्ति?

 दुनिया का चक्कर लगाने वाला पहला व्यक्ति?

क्या पुर्तगाली खोजकर्ता फर्डिनेंड मैगलन दुनिया का चक्कर लगाने वाले पहले व्यक्ति थे और क्या उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े समंदर को अपना नाम दिया था?

ऐसा नहीं है. हालांकि, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि 1480 में जन्मे फर्डिनेंड मैगलन पहले यूरोपीय थे जिन्होंने प्रशांत महासागर को पार किया था.

1519 में मैगलन अपने दल के साथ समंदर के रास्ते स्पाइस द्वीप खोजने के लिए निकले थे. कई देशों से गुज़र कर आख़िर तीन साल बाद ये दल उसी जगह लौटा जहां से वो चला था.

हालांकि स्पेन से चली इस यात्रा को पूरा करने की खुशी मनाने के लिए कम ही लोग ज़िन्दा बचे थे. 270 लोगों के चालक दल के साथ शुरु हुई ये यात्रा जब ख़त्म हुई तो मात्र 18 लोग ही जीवित बचे थे. यात्रा के दौरान मैगलन की भी मौत हो गई थी.

इस यात्रा के दौरान साल 1521 में मैगलन फिलीपीन्स के पूर्वी तट पर पहुंचे. वहां के मूल निवासी उन्हें सीबू द्वीप ले कर गए.

मैगलन और उनके चालक दल के सदस्य सीबू में रहने वालों के अच्छे दोस्त बन गए. इतनी गहरी दोस्ती हुई कि मैगलन अपने दोस्तों को पड़ोसी द्वीप में रहने वाले उनके दुश्मनों के आक्रमण से बचाने के लिए तैयार हो गए.

उन्होंने हमला करने की तैयारी की और टुकड़ी का नेतृत्व मैगलन ने खुद किया . लेकिन जल्द ही मैगलन घायल हो गए. उन्हें ज़हर में डूबा एक तीर लगा जिसके बाद उनकी मौत हो गई.

मैगलन के साथ गए लोग स्पाइस द्वीप खोजने के बाद उसी रास्ते वापस लौटना चाहते थे लेकिन अपना रास्ता बदल कर वो छोटे रास्ते के ज़रिए स्पेन लौटै.

मैगलन ने इस रास्ते को प्रशांत महासागर कहा लेकिन इसे देखने वाले वो पहले यूरोपीय नहीं थे.

सालों बाद स्पेन के खोजकर्ता वास्को नुनेझ डे बाल्बोआ पनामा से होते हुए प्रशांत सागर के किनारे पहुंचे और अपनी तलवार को हवा में लहरा कर उन्होंने इसे खोजने का दावा किया.

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