दुबई रेगिस्तान वाला देश दुनिया में सबसे लग्जरी और पॉपुलर कैसे बना

     दुबई रेगिस्तान वाला देश दुनिया में सबसे लग्जरी और पॉपुलर कैसे बना !! दुबई कोनसे नए प्रोजेक्ट लॉन्च करने वाला है .


      जिस देश में सिर्फ रेगिस्तान और रेत का पहाड़ हो और जिसके पास खुदका पीने के लिए पानी ना हो ये शहर  इतनी तरक्की करेगा ये किसी ने भी नहीं सोचा था। हमसे बात कर रहे हैं दुबई की जो आज से 30 पहले पूरा रेजिस्तान ही था। जिसको आज पूरी दुनिया दुबई के नाम से जानती है.
       जिस रेगिस्तान में लोग आना भी पसंद नहीं करते थे, वहां अब दुनिया के लोगों का आना जाना लगा रहता है। इस बदलाव के पीछे कुछ लोगों का हाथ है जिन्होनें इसे एक आधुनिक शहर बना दिया है कि यहाँ हर तरह के ऐशोआराम मिल सकते हैं। इसकी दुबई से लेकर बुर्ज अल अरब तक और डांसिंग फाउंटेन से लेकर अंडर वॉटर एक्वेरियम तक दुबई में ऐसे बेशुमार प्रोजेक्ट मौजुद है जो शायद आपने पहले कभी न देखे होंगे। दुबई में कुछ फ्यूचर प्रोजेक्ट भी है जो लॉन्च कुछ सालो बाद होंगे लेकिन उसकी चर्चा सारी दुनिया में हो रही है और उसकी वजह से दुबई की शान और शौकत आसमान छु रही है ।
आइए तो फिर जानते हैं दुबई के वो फ्यूचर प्रोजेक्ट जिस वजह से दुबई की चमक धमक बढ़ जाएगी.

1. Dubai Creek Tower ( दुबई क्रीक टावर ) : दुबई की कामयाबी की शुरुआत 2010 में हुई थी जब दुबई में दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग बुर्ज खलीफा को लॉन्च किया गया था। 2716 फीट ऊंची और आसमान को पार कर निकलने वाली इस बिल्डिंग मैं कुल 164 फ्लोर की बनी है। लेकिन बुर्ज खलीफा ने सबसे ऊंची बिल्डिंग होने से लोगो को आकर्षित नहीं किया बल्की बुर्ज खलीफा के पास और कुछ नया वर्ल्ड रिकॉर्ड भी है। जिसमें से पहला है दुनिया का सबसे ऊंचा अवलोकन डेक ( world Highest Observation Deck ) , दूसरा है विश्व का सबसे ऊंचा रेस्तरां, और दुनिया की तेज़ लिफ्ट। ये सारे वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बुर्ज खलीफा के नाम पर हैं। लेकिन हम सबको मालूम है कि दुबई का ये वर्ल्ड रिकॉर्ड हमेशा के लिए नहीं रहेगा. जो दुनिया के पुराने रिकॉर्ड्स उनको तोड़ कर बुर्ज खलीफा ने ये रिकॉर्ड्स बनाया था तो



       उनका ये रिकॉर्ड भी एक ना एक दिन कोई तोड़ेगा। उनका ये रिकॉर्ड तोड़ने के लिए सउदी अरब के झदा में झदा टावर का निर्माण भी शुरू हो चुका है. अब तक की जानकारी के हिसाब से 3280 फीट ऊंची बिल्डिंग रहेगी। बुर्ज खलीफा से भी 564 फीट ऊंची बिल्डिंग रहेगी। झदा टावर केवल ना सिर्फ बुर्ज खलीफा के रिकॉर्ड्स तोड़ेगा बल्की उसके बन गए कहीं सारे रिकॉर्ड्स भी तोड़ने का मनसूबा सऊदी बिल्डर्स का है जैसा के सबसे ऊंचा ऑब्जर्वेशन डेक और हेलीपैड भी झदा टावर में मौजुद होगा और उसके साथ साथ बुर्ज खलीफा में 57 एलिवेटर है तो झदा टावर में कुल 59 एलिवेटर बनाने का प्लान किया गया है। अगर ये झदा टावर बना लिया गया तो दुबई के फेम को काफी नुकसान होगा. इसकी वजह से दुबई के बिजनेस और टूरिज्म को काफी नुकसान होगा। इस नुकसान से बचने के लिए झदा टावर से बचने के लिए दुबई भी अभी मैदान में उतर गया है। जहां सऊदी में झदा टावर का निर्माण चल रहा है, वहीं दुबई में भी एक टावर का निर्माण जोरशोर से चल रहा है। जिसको दुबई क्रीक टावर का नाम दिया गया है। दुबई क्रीक टावर के बिल्डर एमआर प्रॉपर्टीज ने अभी तक टावर की ऊंचाई का खुलासा नहीं किया है लेकिन उसको दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग दुबई के नाम पर ही रखनी है।अगर सच में झदा टावर की ऊंचाई 3280 फीट रखी गई है तो दुबई क्रीक टावर की ऊंचाई उससे भी ऊंची रखी जाएगी। दुबई क्रीक टावर को बनाने का अनुमान लगभग एक बिलियन बताया जा रहा है। झदा टावर का निर्माण रुका हुआ है। क्यू की जिन सऊदी पिंसेस ने झदा टावर में इन्वेस्टमेंट कर रखी थी उनको सऊदी सरकार ने भ्रष्टाचार की वजह से परेशान किया है। अब क्यों के झदा टावर का काम रुका हुआ है तो एम्मार प्रॉपर्टीज ने भी दुबई क्रीक टावर का काम रोका हुआ है। लेकिन ये बात तो सच है कि आने वाले कुछ सालो में क्रीक टावर दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग होगी।

2. Dynamic Tower ( डायनामीक मीनार ) : लोग कुछ सालो में ऊंची बिल्डिंग से जरूर बोर हो जाएंगे इसके लिए दुबई में कुछ ऐसा मेघा प्रोजेक्ट किया गया है। जिस वजह से दुबई बिजनेस को अच्छी बूम मिलेगी। और इसमें से एक टावर है डायनामिक टावर, बेशक ये बुर्ज खलीफा से काफी ऊंचाई में छोटा है पर इस टावर में ऐसी एक खास बात है जो दुनिया में कोई नहीं है। क्या टावर कुल 80 मंजिल है और ये हर वक्त घूमते रहेंगे जी हा जो लोग को दूर से देखें पर एक अनोखा मंजर पेश करेंगे। डायनामिक टावर में रहने वाले लोग भी अपने फ्लोर की स्पीड पर भी कंट्रोल कर सकेंगे। सूर्यास्त देखने का मूड हो या फ़िर सूर्योदय देखने का फर्शों को घुमाकर अपने पसंद के दृश्य आराम से देखें जायेंगे. जो टेक्नोलॉजी टावर में है वह इस्तेमल होगी वो वाकाई में एक अनोखी बात होगी। आश्रय की बात ये है कि हर फ्लोर की कंस्ट्रक्शन साइट पर नही बल्की फैक्ट्री मैं की जाएगी। बाद में ये फ्लोर ट्रांसपोर्ट करके साइट पर लेके  जाएंगे और फिर एक के बाद एक रख कर इसको पूरा किया जाएगा. बिल्डर का मानना ​​​​है कि इसमें लगने वाला खर्चा 30% कम होगा लेकिन इसमें लगने वाला पूरा खर्चा लगभग 1.2 बिलियन डॉलर से भी ज्यादा खर्चा होगा।


3 Museum of the Future ( भविष्य का संग्रहालय ) : दुबई में बनाया जाने वाला ये म्यूजियम नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नोलॉजी की एक शानदार उदाहरण होगा. इस म्यूजियम में पुराने जमाने की चीज नहीं बल्कि नए जमाने की आने वाली टेक्नोलॉजी देखने मिलेगी जिसे देखकर इंसान का दिमाग दंग रह जाएगा. म्यूजियम के अंदर इंसानी दिमाग के कारनामो से भरपुर सारे नई चीजें बनाई जाएंगी। म्यूजियम के अंदर आने वाले इंसान का रोबोट मनोरंजन करेंगे। इसके अलावा रोबोट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से ऐसे कारनामे कर के दिखाएंगे जो शायद इंसान भी कभी नहीं कर सकता। साथ-साथ रोबोटिक कारें , रोबोटिक्स ड्रोन और रोबोटिक अगली पीढ़ी मेसुअम मैं दिखायी जायेगी . ये संग्रहालय शेख जायद रोड पर बनाया जा रहा है. जिसपर लगने वाला खर्चा 1000 करोड होने वाला है।

4. Hyperloop ( हाइपरलूप) : एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जो इंसान को एक जगह से दूसरी जगह पर कम समय में पोहचायेगी वो भी कम खर्चे में। हाइपरलूप एक बहुत बड़ी ट्यूब टनल है जिसमें छोटी छोटी कैप्सूल मैं बैठ कर इंसान एक जगह से दूसरी जगह में यात्रा कर सकता है। ये पूरी टेक्नोलॉजी इलेक्ट्रॉनिक में चलती है यानी इसमें कोई किसम का फ्यूल नहीं होता है। हाइपरलूप में चलने वाली कैप्सूल 1123 किलोमीटर प्रति घंटे से यात्रा कर सकेगी। ये स्पीड हवाई जहाज की स्पीड से भी ज्यादा है जब अंदर बैठे हुए इंसान को इस स्पीड का जरा भी आवाज नहीं आएगी. कैप्सूल में विंडोज़ तो नहीं है लेकिन मनोरंजन के लिए स्क्रीन लगी होगी। ये हाइपरलूप दुबई से अबू धाबी के लिए लॉन्च किया जाएगा जो 1 घंटे के सफर को सिर्फ 12 मिनट में पर कर दिया जाएगा। दुबई में हाइपरलूप का स्टेशन बुर्ज खलीफा के करीब जब के अबू धाबी में शहर के टावर के आस पास बनाया जाएगा। नवंबर 2020 में हाइपरलूप का सफल परीक्षण भी किया जा चुका है। हाइपरलूप को बनाने में हर किलोमीटर पर 225 करोड  का खर्च आएगा। यानी के सिर्फ अबू धाबी से दुबई तक लगभग 312 अरब रुपये का खर्चा आने वाला है।
बात यहां ख़तम नहीं हुई है, ये तो हो गया  हाइपरलूप जो दुबई से अबू धाबी को जमीन से कनेक्ट करेगा। लेकिन दुबई से भारत तक हाइपरलूप के बारे में आपका क्या ख्याल है। संयुक्त अमीरात और भारत के दौरे पर एक मीटिंग में ये प्रोजेक्ट डिस्कस हुआ था। जिसको दुबई के फ्यूचर प्रोजेक्ट के रूप में शामिल कर लिया गया है. दुबई और मुंबई के दौरे ये टनल बन जाएंगे जो समंदर से कनेक्ट करेगा और जिसकी हाईस्पीड ट्रेन चलेगी और इसके सिर्फ 2 घंटे में पार किया जाएगा। ये सुरंग समंदर के नीचे में नहीं बल्कि समंदर की सतह पर ही रहेगा। 2000 किलोमीटर के लिए ये ट्रेन 1100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चलेगी। इस अंडरवॉटर टनल के ज़रिये इंसान  ट्रैवल नहीं करेंगे बल्की ऑयल के कन्टेनर भी करेंगे।

5. Aladdin City ( अलादीन शहर ): दुबई क्रीक पर 4000 एकर में बनाने वाली दुबई अलादीन सिटी। ये प्रोजेक्ट अलादीन और सिंदबाथ की कहानी से प्रभावित होकर ये शहर बनाई जा रही है। हर एक बिल्डिंग अलादीन के चिराग के जैसा है जो एयरकंडीशनर के टनल से कनेक्ट हो जाएगा। अलादीन शहर मे दुकानें, फ्लैट, ऑफिस तो होंगे लेकिन साथ-साथ 900 गडि़यों की पार्किंग भी होगी। ये प्रोजेक्ट दुबई की सरकार की तरफ से बनाया जा रहा है जिसमें तकरीबन 1125 अरब रुपये का खर्चा होगा।

6. jumaira Bay Island ( जुमैरा बे आइलैंड ): सबसे पहले दुबई का नाम आते ही सबसे पहले आते हैं मानव निर्मित द्वीप जिसमें से पाम जुमैरा आइलैंड जो दुबई में मशहूर है। पाम जुमेराह द्वीप खजूर के पेड़ जैसा बनाया गया था. जहाँपर नुमाइश 2007 में ही शुरुआत हुई थी। ये द्वीप समंदर में पत्थर और रेत डालकर बनाया गया . लेकिन इतने बड़े द्वीप पर पत्थर और रेत डालने की परिवहन लागत इतनी भी कम नहीं थी। जुमैरा को बनाने में करीब 900 अरब रुपये का खर्चा आया था और 112 अरब रुपये का अटलांटिस होटल इसमें शामिल नहीं है। जिस्मे वॉटर पार्क और अंडरवाटर म्यूजियम है। पाम जुमेराह इतना बड़ा है कि वो अंतरिक्ष से भी आसानी से देखा जा सकता है। पाम जुमैरा की सफलता के बाद अब सरकार और एक मानव निर्मित द्वीप बनने जा रहे हैं। जिसको जुमैरा बे आइलैंड का नाम दिया गया है। इस द्वीप की शक्कल समुद्री घोड़े से मिलती है। जुमेरा बे आइलैंड का कोई हिसा पूरा कर लिया गया है। जिस्मे यॉट क्लब अपार्टमेंट और एक 5 सितारा लक्जरी होटल भी है।

7. Faris Wheel ( आकाश पलना ) : दुनिया का सबसे ऊंचा फेरिस व्हील जो अमेरिका के शहर लास वेगास में मौजुद है उसका रिकॉर्ड भी बहुत जल्दी दुबई तोड़ने वाला है। जी हा दुबई मरीना में दुनिया का सबसे ऊंचा फेरिस व्हील बनने वाला है। जिसकी हाइट्स 224 मीटर बताई जा रही है और इसके ऊपर छोटे कैप्सूल बिठाए जा रहे हैं उसकी क्षमता एक समय 1400 लोगो की है। फेरिस व्हील पूरी तरह से तैयार है पर इसकी लॉन्चिंग कोविड 19 के कारण से देरी हो गई थी. इसको बनाने में 2000 करोड़ से भी ज्यादा का खर्चा आ गया है।



आपको हमारी ये कहानी कैसी लगी ये आप हमें कमेंट के जरिए बताएं

                                                                                    !!!! धन्यवाद !!!!  

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी और उनके कट्टर प्रशंसक

History of Honda Company,

पद्म भूषण पुरस्कार कभी शुरू हुआ और ये पुरस्कार किन लोगो को दिया जाता है !!